गत दिनों UAE से उड़ान भर रहा एक विमान, जिसमे 174 यात्री सवार थे, अचानक आसमान की उचाईयों में हिचकोले खाने लगा। उसमें सवार यात्री कुछ समझ पाते कि एकाएक कॉकपिट का दरवाजा खोलकर उस विमान को नियंत्रित कर रहे पायलट कैप्टन स्मित मछार ने अपनी आप बीती सुनाते हुए अपने सहयोगी पायलट को यात्रियों को सौंपते हुए अपने साथ कॉकपिट में घटित घटनाओं को कह सुनाया।
गौरतलब है कि जैसे ही यात्री विमान अपने उड़ान आसमान की ऊंचाइयों पर भर रहा था, उसमें पहले से ही पूरी तरह मानसिक दुराग्रह से पीड़ित सहयोगी पायलट, जो ओमान के नागरिक था, कैप्टन स्मित मछार पर चाकू से हमला कर दिया। तत्पश्चात कैप्टन स्मित मछार अपने आप के बचाव में पूरी तरह से ना केवल प्रयास करते रहे, बल्कि ओमान के सहयोगी पायलट से मुकाबला भी कॉकपिट के अंदर करते रहें।यही नहीं कैप्टन स्मित मछार अपने कॉकपिट का दरवाजा भी खोलने का प्रयास करते रहे। यहां हम समझाने के ख्याल से बता रहे हैं कि कॉकपिट विमान का वह क्षेत्र बना होता है, जहां पायलट और सहयोगी पायलट के रहने तथा वहीं से ही विमान को ऑपरेट करने के लिए स्वतंत्र तौर से केविन के स्वरूप में बनाया जाता है, जहां बिना पायलट के अनुमति से कोई भी व्यक्ति उसके अंदर प्रवेश नहीं कर सकता है। उल्लेखनीय है कि कॉकपिट का दरवाजा काफी मजबूत बनाया जाता है, जिसे कोई भी बाहर से इस दरवाजा को खोल नहीं सकता है।
गौरतलब है कि अगर मात्र चालीस सेकेंड देर से कॉकपिट का दरवाजा कैप्टन स्मित मछार द्वारा देरी से खोला जाता तो बहुत अधिक संभावना थी कि विमान क्रैश हो जाता और उसमें सवार यात्री की जान चली जाती उल्लेखनीय है कि उस विकट परिस्थिति में कैप्टन स्मित मछार ने अपने सूझ बुझ एवं मजबूत मनःस्थिति का परिचय देते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल कर मानसिक विकृति से पीड़ित सहयोगी पायलट को यात्रियों को सौंपते हुए कहा कि यह नहीं चाहता है कि आपलोगों की यात्रा सही सलामत हो। तत्पश्चात उस ओमानी पायलट को यात्रियों द्वारा अपने कब्जे में कर लिया गया तथा उस यात्रियों में कुछ जानकार यात्री द्वारा किसी प्रकार अपने नियंत्रण में लेकर विमान को उचित जगह पर लैंड कराया गया।
उल्लेखनीय है कि जैसे ही इस घटना के सम्बन्ध में आम व्यक्तियों को पता चला सभी ने कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी एवं सूझबूझ की चर्चा किया।यही नहीं भारतीय प्रधानमंत्री जी सहित कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों द्वारा कैप्टन स्मित मछार की तारीफ किया गया। जिसमे ना केवल अमेरिका के राष्ट्रपति शामिल हैं बल्कि इजरायल के राष्ट्रध्यक्ष द्वारा यहां तक कहा गया कि अगर कैप्टन स्मित मछार ने अपने सूझ बुझ का परिचय नहीं दिया होता तो 9/11 जैसी घटनाओं की पुनरावृति हो सकती थी। हमारी सरकार कैप्टन स्मित मछार को राजकीय सामान से पुरस्कृत करेगी।
उल्लेखनीय है कि कैप्टन स्मित मछार के स्वास्थ्य में बहुत तेजी के साथ सुधार हो रहा है। गौरतलब है कि भारतीय प्रधानमंत्री जी ने निजी तौर पर रुचि लेकर फोन पर बात कर कैप्टन स्मित मछार का हाल चाल पूछा तथा शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। वहीं दूसरी तरफ कुछ अपने सीमित स्वार्थों के चलते अपने आप को समाज का वास्तविक ठेकेदार तथा अपने आप को बड़ा राज नेता बताने वाले इस घटना को सांप्रदायिक नजरिया से देख रहे हैं। हाँ यह सत्य है कि इस घटना को अंजाम देने का प्रयास अपने वृकृत मानसिकता के कारण कर रहा था,एक विशेष संप्रदाय का सहयोगी पायलट जो ओमान का नागरिक था, परन्तु इसका यह मतलब बिलकुल नहीं है कि पूरे संप्रदाय ही विकृत मानसिकता से पीड़ित है। याद रहे कि ऐसे गलती से भी जब जब घटनाएँ घटित होती है, तब तब छूट भैया नेता अपने सीमित स्वार्थों के चलते सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश करते हैं। इससे आम जनमानस को हमेशा बचने का प्रयास करना चाहिए।
आप सबों का,
दिवाकर,