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General Knowledge 1 min read

ll विश्व के अन्य देशों के मुकाबले भारत में आम भारतीयों के बीच नैतिक पतन धीरे धीरे गिरावट की तरफ बढ़ रहा है। ।।

महान एवं बड़े समाज वैज्ञानिकों का कहना है कि किसी भी देश का चहुमुखी विकास तब तक संभव नहीं हो सकता है ,जब तक कि वहां के नागरिकों का नैतिक स्तर ऊंचे दर्जे का नहीं हो। परन्तु यह विडम्बना ही कहा जायेगा कि जिस भारत देश के नागरिकों द्वारा कभी अपने देश के उच्च स्तर के शिक्षा संस्कृति एवं नैतिकता के सम्बन्ध में गर्व के साथ बात चित किया जाता था, यहां तक कि पश्चिमी देशों द्वारा हमारे संस्कृति एवं नैतिकता संबंधी आचरणों का अनुकरण करने का प्रयास किया जाता था। परंतु अफसोच तो यह है कि हम आम भारतीय अपने क्षणिक स्वार्थों की पूर्ति हेतू नैतिकता को ताक पर रख दिया करते हैं।

उल्लेखनीय है कि आजादी के कुछ बाद के दशक तक शहरों ही नहीं बल्कि देहाती क्षेत्रों में भी साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता था, सुबह होते ही अपने घर के कूड़ा कचरा, यहां तक कि पशुओं के मल्ल मूत्र को अपने घर से सफाई कर एक सुव्यवस्थित जगहों पर ले जाकर आम भारतीयों द्वारा रख दिया जाता था परन्तु हाल फिलहाल के समय में देखा जा रहा है कि शहरी क्षेत्रों में कौन कहे देहाती क्षेत्रों में भी हम आम भारतीयों द्वारा अपने घर के कूड़ा कचरा को जहां तहां फेंक दिया जाता है, इससे ऊपरी तौर पर गंदगी के साथ ही जमीन भी दूषित होता है, जिससे कि आम जनमानस के साथ ही जानवर भी भयंकर बीमारी के शिकार हो जाया करते हैं।दूसरी ओर हम आम भारतीयों के नैतिक पतन की गिरावट की बात करते हैं तो इसका एक उदाहरण से समझा जा सकता है,अभी हाल के दिनों में एक चॉकलेट बनाने वाली कंपनी ने अपने एक्सपायरी हुए चॉकलेटों को सड़क के किनारे फेंक कर नियमों के उल्लंघन के साथ अपने चॉकलेटों को फेंके हुए जगहों पर जहां गंदगी फैलाने का कार्य किया,वही देखा गया कि अपने आप को संभ्रांत मानने वाले व्यक्तियों द्वारा भी अधिक से अधिक चॉकलेटों को लूटने की होड़ लगी हुई थी।

वहीं एक अन्य जगह के समाचार देखने को मिला कि मध्यप्रदेश के गुना जिला में पाम वायल से भरा हुआ टैंकर उलट गया, परंतु विडम्बना ही था कि उसके ड्राइवर एवं अन्य स्टाफ के जान बचाने के बजाय वहाँ के नागरिकों द्वारा तेल को लूटने के प्राथमिकता देना जायदा जरूरी समझा गया। इसको नैतिक पतन नहीं तो और क्या कहा जा सकता है।

आप सबों का,

दिवाकर ,

ND

Nandkumar Diwakar

Author & Founder, Radha Krishan Global Knowledge

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Nandkumar Diwakar is an avid researcher and writer dedicated to sharing authentic knowledge, insights, and perspectives through this blog platform.

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