बड़े बड़े अनुभवी विद्वानों का कहना है कि किसी देश के सांस्कृतिक ,सामाजिक विकास में उस देश के वर्तमान समय से प्रभावित परिस्थितियों के बीच बनने वाली किसी फिल्म, सीरियल,या साहित्य का उस देश के समाज को अपने फिल्म,सीरियल या साहित्य से काफी प्रभाव पड़ता है।
उल्लेखनीय है कि किसी भी फिल्म, सीरियल या साहित्य से युवा वर्ग के लोग काफी प्रभावित होता है। परंतु यह विडंबना ही कहा जायेगा कि आज भारत में अधिकांश निर्माता निर्देशकों द्वारा अपने व्यापारिक उद्देश्यों की पूर्ति हेतू जिस फूहड़पन के साथ फिल्मों एवं सीरियलों को सिनेमा घरों और टेलिवीजन के स्क्रीन में प्रस्तुत किया जा रहा है उससे कोई भी सरीफ संस्कार युक्त व्यक्ति अपने पूरे परिवार के साथ बैठ कर नहीं देख सकता है।
यही नहीं भारत की एक नामी गिरामी सीरियल के एक महिला निर्देशक द्वारा निर्देशित सीरियल से प्रभावित हाेकर कई परिवार जहां कई पीढ़ियों से एक साथ रहा करता था ,आज के स्थिति में वह परिवार बिखरकर फ्लैट संस्कृति में जीने को मजबूर हो गया।
उल्लेखनीय है कि आज भारत में अपने परिवार के बीच रिश्तों में बिखराव में प्रमुख योगदान भारत में बनने वाली अधिकांश फूहड़ और छल कपट से युक्त फिल्मों और सीरियलों का ही मुख्य रूप से हैं। आज के युवा वर्ग की स्थिति यह है कि फ़िल्मों और सीरियलों में कलाकारों को देखकर अपने जीवन में नकल करने की भरपूर कोशिश की जाती है। हालांकि मैं यह नहीं कह रहा हूं कि भारत सभी बनने वाली फिल्में युवाओं पर शत – प्रतिशत नकारात्मक प्रभाव ही डालती है,परन्तु वर्तमान समय में जिस तरह फिल्मों एवं सीरियलों में महिलाओं का फूहड़ तरीके से अंगों का प्रदर्शन किया जाता है,इससे ना केवल युवकों को मानसिक उत्तेजना को बढ़ावा देता है, बल्कि भारतीय महिलाओं से हो रही बलात्कारों जैसी घटनाओं को अंजाम देने में कहीं ना कहीं विशेष योगदान इस तरह के फूहड़ फिल्मों का भी होता है।
अब मैं मुख्य मुद्दे पर आता हूं,गत दिनों भारतीय सिनेमा घरों में बिल्कुल कम बजट में बनने वाली फिल्म हनुमान अंश, जो बाबा नीम करोली महाराज के जीवन पर आधारित फिल्म है।जिस तरह बॉक्स ऑफिस पर कमाई के हिसाब से प्रदर्शन किया है,उससे यह साबित होता है कि किसी भी फिल्म को व्यवसायिक दृष्टिकोण से भी फूहड़,या विशाल बजट के फिल्म बनाने की आवश्यकता नहीं है बल्कि समाज में सही संदेश देने के लिए कम बजट की आध्यात्मिक फिल्म हनुमान अंश जैसे फिल्म बनाकर भी मुनाफा कमाया जा सकता है।
आप सबों का,
दिवाकर ,