।। भारत में दिनों दिन अनाथ बच्चों, बाल मजदूरों, असहाय विधवा महिलाओं, असहाय वृद्ध माता – पिता एवं असहाय मानसिक रूप से विक्षुब्ध लोगों की संख्या निरंतर बढ़ रही है । परन्तु सभी स्तर के संवैधानिक प्रावधान होने के बावजूद उनके उचित पुर्नवास के लिए कोई स्पष्ट नीति अभी तक नहीं बना है ? ।।
यहां यह उल्लेख करना जरूरी है कि पश्चिमी देशों के एक देश से संबंध रखने वाले लोक प्रशासन के एक प्रसिद्ध विद्वान मैक्स बेबर...